
माता दे दरबार ज्योतां जग रहीयां,
सच्चा है दरबार शेरांवाली दा,
प्यार दा प्यासा, प्यासा जो दर तेरे आ जावे,
मिल जांदा ए प्यार मंदरावाली दा,
ऊंचीया पहाड़ा उते माँ सोने दा मंदिर बनाया ए,
माँ सोने दा मंदिर बनाया ए,
पाप कटेंदे ने ओदे जेड़ा गर्भ जून लंघ आया ए,
गाओ सब गाओ,
ओ माता दे भंडार च खुशियां वंड रहीयां,
सच्चा है दरबार भवनावाली दा,
दुख इक चीज है ऐसी जेडी कदम कदम ते आ जावे,
जेहड़ी कदम कदम ते आ जावे,
सच्चा भगत है ओहियो जेडा दुखां तो ना घबरावे,
भगतो सुन भगतो,
दुख तकलीफा मैया तेरी परख रहीयां,
वेख रहा मन तैनु शेरांवाली दा,
आ के तू इस जग विच ऐवें पाप कमाई जाना ए,
ऐवें पाप कमाई जाना ए,
देख के सच्चे भगता दी तू मौज उड़ाई जाना ए,
पापीया वे सुन पापीया,
माता दीयां अखां तैनु देख रहीयां,
देना हिसाब मंदरावाली दा,
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