
माताजी कठे सुता सुखभर नींद में,
दोहा – भीनमाल रे मायने,
मारी खिमज माँ रो धाम,
दूर-दूर सु आवता,
राखो सोलंकीयो रो मान,
मारी खिमज माता,
माता कुलरी माता,
खिमज माँ कठे सुता रे सुख भर नींद में,
माताजी कठे रे लगाई इतरी देर,
जागरण में वेगा आजईजो।।
देवी ओ कुलरी देवी,
माताजी भीनमाल में बनीयो थारो देवरो,
ओ थारी ध्वजा फरूके असमान,
ओ माताजी मेवा ने मिठाई चढे चूरमा,
माताजी चाढू-चाढू लीलोडा नारेल,
दूपा री वेला आविजो,
दुर्गे ओ नवदर्गे,
माताजी ढोला रे धमीडे वेगा आजईजो,
थेतो आईजो आईजो तेरस वाली रात,
भजनो में वेगा आजईजो,
माता ओ जगरी माता,
माताजी लाल चुनडीया सोवे आपरे,
माताजी सजीया-सजीया सोलह सिनगार,
माताजी भगजी माली री सुनजो विनती,
माताजी गावे-गावे किशोर पालीवाल,
इन्द्र ने चरणा राखजो,
प्रेषक – मनीष सीरवी
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

