
म्हापे जद भी मुसीबत कोई आवन लागे
म्हापे जद भी मुसीबत कोई आवन लागे
म्हारे सिर के ऊपर मोरछड़ी लेहरावन लागे
जब जब गाडी खावै झटका
मोरछड़ी का लागै फटका
अपने आप ही या गाडी म्हारी भागन लागे
मोरछड़ी का देख्या रे जादू
भूल गया मंतर श्याणा साधू
बै भी झुक झुक झाड़ा लगवावन लागे
हो गया दीवाना मैं तो मोरछड़ी का
गुण कोन्या भूलूँ मैं तो श्याम धनि का
भगतां खातिर नया नया रस्ता काढण लागे
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