
शिवोहम शिवोहम शिव स्वरूपहम
शिवोहम शिवोहम शिव स्वरूपहम,नित्योहम शुद्धोहम बुद्धोहम मुकतोहम,शिवोहम शिवोहम शिवा स्वरूपहम, अद्वैतंम आनंद रूपम अरूपम,ब्रह्मोहम ब्रह्मोहम ब्रह्म स्वरूपहम,चिदोहम चिदोहम सतचिदानंदोहम, शिवोहम शिवोहम शिव स्वरूपहम,शिवोहम शिवोहम शिव स्वरूपहम, नित्योहम शुद्धोहम बुद्धोहम मुकतोहम,शिवोहम शिवोहम शिवा स्वरूपहम, शिवोऽहं शिवोऽहम् शिवा स्वरूपम्शिवोऽहं शिवोऽहम् शिवा स्वरूपम् नित्योऽहं ...
शुद्धोऽहं ...
बुद्धोऽहं ...
मुक्तोऽहम् ...
शिव पुष्पांजलि मंत्र
कर्पूरगौरं करुणावतारंसंसारसारं भुजगेन्द्रहारम् ।सदा बसन्तं हृदयारबिन्देभबं भवानीसहितं नमामि ।।
मंगलम भगवान शंभू , मंगलम रिषीबध्वजा ।मंगलम पार्वती नाथो, मंगलाय तनो हर ।।सर्व मंगल मङ्गल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके ।शरण्ये त्रंबके गौरी, नारायणी नमोस्तुते ।।
सर्व मंगल मांग्लयै शिवे सर्वार्थ साधिके |शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते ॐ यज्ञेन यज्ञमयजंत ...
: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् हम त्रिनेत्र की पूजा करते हैं, जो सुगंधित है और जो सभी का पोषण करता है।जैसे तने के बंधन से फल गिर जाता है, वैसे ही हम मृत्यु से, मृत्यु से मुक्त हो जाएं।
ॐ नमो हिरण्यबाहवे हिरण्यवर्णाय हिरण्यरूपायहिरण्यपतए अंबिका पतए उमा पतए पशूपतए नमो नमः।।
ईशान सर्वविद्यानाम् ईश्वर सर्व भूतानाम्ब्रह्मादीपते ब्रह्मनोदिपते ब्रह्मा शिवो अस्तु सदा शिवोहम।।
तत्पुरुषाय विद्महे वागविशुद्धाय धिमहे तन्नो शिव प्रचोदयात्महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये धिमहे तन्नों शिव प्रचोदयात्।।
नमस्ते अस्तु भगवान विश्वेश्वराय महादेवायत्र्यंबकाय त्रिपुरान्तकाय त्रिकाग्नीकालाय कालाग्नी रुद्रायनीलकंठाय मृत्युंजयाय सर्वेश्वरायसदशिवाय श्रीमान महादेवाय नमःश्रीमान महादेवाय नमः शांति शांति शांति।।
मृत्युंजय मंत्र क्या है – भगवन शिव की कृपा प्राप्त करने का सबसे प्रभाव शाली मंत्र माना गया है जो की मृत्यु पर भी विजय प्राप्त कर सकता है।
महामृत्युंजय मंत्र के जाप से हर प्रकार की बाधाएं डर और चिंता खत्म हो जाती है।
शिवपुराण में ...
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