
श्याम थे आछा बिराज्या सिंगोली मायने
श्याम थे आछा बिराज्या,
सिंगोली मायने,
श्याम थे आछ्या बिराज्या,
श्याम की महिमा है अपरंपार,
ठाकुर जी अच्छा बिराज्या,
ठाकुर जी मंदिर प्यारो,
यो लागे सोवणो,
सोवणो सोवणो सोवणो,
ज्यामे जडीया जडिया,
सोना रा सितार श्याम थे,
आछ्या बिराज्या,
ठाकुर जी कुण तो सजाया,
थाने सोवणा,
मोती चमके चमके,
पचरंगी या पाग,
श्याम जी शीश मुकुट,
मन भावणो,
भावणो भावणो भावणो,
हीरो जलके जलके,
ई दाड़ी रे माई श्याम थे,
ठाकुर जी सांझ सवेरे,
होवे आरती,
आरती आरती आरती,
सेवक पाराशर चवर,
ढूलाय श्याम थे,
ठाकुर जी महिमा है मोटी,
दाता आपकी,
आपकी आपकी आपकी,
था को देव गावे चरणा रे,
माय ठाकुर जी,
गायक / प्रेषक – देव शर्मा आमा।
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