
सती माता उदय कंवर की आरती,
शुद्ध बुद्ध देवो करो मत देरी,
आरती उतारूँ मैया तेरी।।
उदय कंवर शेखावत मैया,
पार करो मेरी अटकी नैया,
आप बिना नही और खिवैया,
सहाय करो आवो नेङी,
सामी मे शक्ती प्रकटाई,
ले अवतार जूसरी में आईं,
अभय सिंह जी के सगं मे ब्याही,
निश दिन रही चरणा की चेरी,
हार श्रृंगार सज्यो सब अंग मे,
सदा रहे भक्ति का रंग मे,
सती हुया अभय सिंह जी के सगं मे,
क्रपा बही ईश्वर तेरी,
दर्शन किन्हा मैया तेरा आकर,
खुशी हुया मे दर्शन पाकर,
नाथूराम चरणा को चाकर,
आरती स्वीकार करो मेरी,
प्रेषक – रामानन्द प्रजापत जूसरी।
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