
राधा नचदी श्याम दे नाल
राधा, नचदी, शाम दे नाल,
अंबरां तों, फुल बरसे ॥
सच्चा, प्यार ए, मेल बेमिसाल,
मुरली दी, तान मन, सभ दा ही मोह लिया ।
हर कोई, शाम दा, दीवाना आज हो गया ॥
ताड़ी, नाल जदों मिल गई तान,
प्रेम च, दीवानी राधा, नचदी ना थकदी ।
बिना रुके, नची जांदी, जरा वी ना अकदी ॥
ओहने, नच नच कर ती कमाल,
राधा नाल, शाम बड़ा, लगदा प्यारा ए ।
बड़ा ही, अलौकिक एह, सुंदर नज़ारा ए ॥
सारे, तक तक हो गए निहाल,
नच, नच राधा, शाम नूं रिझावे ।
बरसाना, छड के, मथुरा नूं आवे ॥
राधा, नच के मनावे नंद लाल,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.


