
लेके संजीवनी संकट को मिटाने आजा Le Ke Sanjeevani Sankat Ko Mitane Aaja
लेके संजीवनी संकट को मिटाने आजा
वीर बजरंगी लखन भैया को बचाने आजा
–कोरस—
आजा आजा…
देर हो जाएगी तो प्राण निकल जाएँगे
माँ सुमित्रा को भला कौन मुँह दिखाएँगे
सब कहेंगे की यहाँ राम ने नादानी की
अपनी पत्नी के लिए भाई की क़ुर्बानी दी
अपने इस राम को अपयश से बचाने आजा
दुख में नल नील जामवंत और सुग्रीव यहाँ
मेरे हनुमंत तुमने कर दी इतनी देर कहाँ
पुरे ब्रह्मांड में ना ऐसा कोई शोक हुआ
की जिसकी आह से आहत ये तीनो लोक हुआ
गीत अब अनुज का देवेंद्र सुनाने आजा
वीर बजरंगी लखन भैया को बचाने
हनुमान जी की आरती
हनुमान चालीसा
हे दुःख भंजन मारुती नंदन
जय बोलो जय बोलो जय हनुमान की
हनुमानाष्टक
कहत हनुमान जय श्री राम
हनुमान गायत्री मन्त्र
जय जय राम
जय जय राम भक्त हनुमान
हनुमान जब चले
हनुमान बाहुक
हनुमान गाथा
भूत पिशाच निकट नहीं आये
वीर हनुमाना अति बलवाना
श्री हनुमान स्तवन
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