
जगदम्बे का जिसे दीदार हो गया,
भवसिंधु से उसका बेड़ा पार हो गया।
जिस पे मैया की दया दृष्टि हो गई,
कतरे - कतरे से धनवान बना सरशार हो गया॥
भवसिंधु से उसका......
मेहर ओ कर्म का उसका कोई ना शुमार है,
बिगड़ी बनाई और उद्धार हो गया॥
ध्यानु भगत से कई भगत पार हुए,
भक्ति की शक्ति से विख्यात हो गया॥
खैरात मैया मेरी झोली में डालो,
मंगता भिखारी तेरे दर पे आ गया॥
दीवाने को मैया चरणों में जगह दो,
मैने पा लिया है सब कुछ भवपार हो गया॥
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