
जब वक़्त बुरा किस्मत भी इंकार करती है,
बस एक नजर किरपा की चमत्कार करती है,
सीधी नजर पड़े तो नज़ारे बदल जाते,
तेरी नजर पड़े तो सितारे पटल जाते,
नजरे ही नजर का सपना साकार करती है,
इनके हुकम का किस्मत सम्मान करती है,
मेरे श्याम के प्रेमी का वो ध्यान रखती है,
हर कदम पे किस्मत उसका सत्कार करती है,
जिस पे नजर पड़ जाये वो तो है खुश नसीब,
मेरा श्याम खुद रखता है उसे अपने दिल के करीब,
इस सच को मोहित दुनिया स्वीकार करती है,
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