
मेरी कुटिया में श्याम आया खाटू श्याम
मेरी कुटिया में श्याम आया,
हो,,मेरी कुटिया मे श्याम आया,
देखें इतने आंसू बहते,
दुख पाऊं क्यों इसके रहते,
सिर पर हाथ फिराया,
तर्ज – मेरा परदेसी ना आया।
आंसू बहाए जग के आगे,
सबने ही धुतकारा,
हार गया तो श्याम सजन को,
दिल से मैंने पुकारा,
देख ना पाया रोते हुए को,
आकर गले लगाया,
अब तो जीवन श्याम हवाले,
छोड़ दी दुनियादारी,
दामन छोटा पड़ गया मेरा,
इतना दिया दातारी,
चिंता मत कर मेरे रहते,
श्याम ने है समझाया,
रहमत इनकी जब से हुई है,
रहती नहीं फिकर है,
अब तो मेरे सुख या दुख पर,
बाबा रखता नजर है,
‘चोखानी’ भी इनकी दया का,
माल खजाना पाया,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
