
राधे नाम की धूम मची है
राधे नाम की धूम मची है ब्रिज में आठो याम,
सबकी वाधा दूर करत है श्री राधा का नाम,
भजो मन राधे राधे,
गंगा यमुना सरस्वती की प्रेम धारा है,
डूबते नर को राधे नाम का सहारा है,
इस संगम में जिस जिस ने गोता खाया है,
उसे घनश्याम ने अपने गले लगाया है,
राधे राधे जपते जपते मिल जायेगे श्याम,
श्याम राधे का राधे श्याम की दीवानी है,
निर्मल प्रेम की अमर एहि कहानी है,
रचाये रासे मधुवन में ये सुहाना है श्याम का गोकुल श्री राधे का बरसाना है,
श्याम के नाम की जिसने भी लोह लगाईं है,
फूटी किस्मत भी यह उसकी जगमगाई है,
श्याम के चरणों में जो भक्त चला आता है,
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