
श्लोक मीरा जन्मी मेड़ते,
वा परणाई चित्तोड़,
राम भजन प्रताप सु,
वा सकल श्रुष्टि सिरमोड,
सकल सृष्टि सिरमोड जगत में,
सारा जानिए,
आगे भई अनेक बाया कई रानी,
जिनकी रीत संग्राम कहे,
तो है वैकुंठा ठौर,
मीरा जन्मी मेड़ते,
सांवरा थारी माया रो,
पायो कोनी पार,
भेद नही जाण्यो रे,
दयालु दीना नाथ।।
इंदर कोप कियो बृज ऊपर,
बरसयो मूसला धार,
अरे नख पर गिरी वर धारयो रे,
सवरा थारी माया रो,
गौ रा जाया बेलिया,
कमावे दिन रात,
बूढा कर कर बेचे रे,
हिरण्यकुश प्रहलाद ने वरजे,
वरजे बारम बार,
अरे राम नाम नही लेना रे,
विष रा प्याला राणाजी भेज्या,
दीजो मीरा ने जाय,
कर चरणामृत पायो रे,
मीरा बाई री अर्ज वीनती,
सुनो थे सृजनहार,
में चरणा री दासी रे,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



