
होली खेले बाबा श्याम,
आपा चाला खाटू धाम,
होली खेले रे।।
लाल अभीर गुलाल उड़त है,
केशर ओर किस्तुरी रे,
स्वर्ग से सुन्दर लाग म्हाने,
खाटू नगरी रे,
श्याम श्याम खाटू में गुंजे,
डपली चंग बजाव रे,
भक्ता सागे नाचे गावे,
धुम मचाव रे,
श्यामधणी रे हाथा माही,
रंग भरी पिचकारी रे,
भक्ता उपर श्यामधणी तो,
भर-भर मारी रे,
रंग रगीलो फागण आयो,
भक्ता क मन भायो रे,
नौरतन योगी को भी बाबा,
मन हर्षायो रे,
– गायक –
योगेश चतुर्वेदी,
नवरत्न पारीक सुजानगढ़
मोबाइल न.
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