
उतारूं आरती श्री बाबा सिद्धनाथ की,
खरगोन के सरकार की,
निमाड़ के महाराज की,
नागेश्वर अवतार की,
नवग्रह नगरी आप विराजे,
भोले भक्त बजाते बाजे,
सबके भाग्य संवारती,
सिद्धिविनायक कुंदा तट से आए,
कालिका मां संग भैरव लाए,
मिलकर गाए आरती,
डम डम डम डम डमरू बाजे,
तांडव करके भोला नाचे,
दुःख संताप है हारती,
जटा में बहती निर्मल गंगा,
भाल सुशोभित जिनके चंदा,
भूतगणों के नाथ की,
कंचन थाल कपूर की बाती,
निशदिन ज्योत जले दिन राती,
जगदम्बा के नाथ की,
गायक – शुभम रघुवंशी।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



