
मेरे सारे कष्ट निवार,मेरी माँ अम्बे मेरी जगदम्बे॥
जिन के हाथ निशान है,तीन अत्कवे कौन
रखन वाली जान माँ ,मारण वाला कौन
मेरी बेहड़ी करदे पार,मेरी माँ अम्बे जगदम्बे
निर्मल मूरत मात की,मण मे रही समाए
जियो मेहँदी के पात में,लाली लखी ना जाई
तेरी लीला अपरंपार,मेरी माँ अम्बे मेरी जगदम्बे
ऊचा घर तेरा कांगड़ा, सिर पर धलोड़ी धार
संगत खड़े दरबार में,बोले जय जेकार
तू सब का करे उदार,मेरी माँ अम्बे मेरे जगदम्बे
माता चिंतापुरनी,चिंता करे दूर
देके आसरा नाम का,करदो नूरो नूर
तू करदे भव से पार,माँ मेरी अम्बे मेरे जगदम्बे
आन्दी अनादी करो कल्याणी कल्याण
आठ पहर चोसथ गद्दी,दे चरना का ध्यान
तू जग की पालनहार,मेरी माँ अम्बे मेरी माँ जगदम्बे
मेरी द्रिस्टी अनजान हु,तू है जनि जान
भरी सवा में रखियो, माँ बछड़े की शान
मेरी बिनती करो सवीकार,माँ मेरी अम्बे जगदम्बे
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