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आरती संग्रह Arti Lyrics Collection

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॥ श्री ॥

इस आरती संग्रह

मे विभिन्न प्रकार की आरतियों के लिरिक्स का संग्रह प्रस्तुत है ।

धार्मिक त्योहारों पर देवी-देवताओं की आरती का महत्व बहुत गहरा है।

आरती के दौरान भक्त अपनी श्रद्धा और भक्ति को भगवान के प्रति प्रकट करते हैं।

यह एक विशेष पूजा विधि है, जिसमें दीपक, धूप, और अन्य पूजन सामग्रियों के साथ भगवान की स्तुति की जाती है।

विभिन्न देवी-देवताओं की आरती का महत्व और उनका पूजन त्योहारों पर विशेष रूप से होता है।

भक्तों की सुविधा हेतु हम विभिन्न प्रकार की

प्रस्तुत कर रहे हैं ।

श्री गणेश जी की आरती

भगवान गणेश, जिन्हें प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है, की आरती गणेश चतुर्थी, दिवाली और अन्य शुभ अवसरों पर की जाती है।

उनकी आरती में उनका आह्वान करते हुए उन्हें हर कार्य में सफलता का वरदान देने के लिए प्रार्थना की जाती है।

माता लक्ष्मी की आरती

दिवाली और धनतेरस के अवसर पर माता लक्ष्मी की आरती का विशेष महत्व होता है।

आरती के माध्यम से माता लक्ष्मी से घर में समृद्धि, सुख और शांति की कामना की जाती है।

दीपों की रोशनी से मां लक्ष्मी का स्वागत किया जाता है।

भगवान शिव की आरती

महाशिवरात्रि और सोमवार के दिन भगवान शिव की आरती विशेष रूप से की जाती है।

भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनके प्रिय वस्त्रों, बेलपत्र और दीप से आरती की जाती है, जिससे जीवन में शांति और मोक्ष की प्राप्ति हो।

माता दुर्गा की आरती

नवरात्रि के समय माता दुर्गा की आरती विशेष रूप से की जाती है।

माता की शक्ति, साहस और विजय की कामना करते हुए भक्त आरती करते हैं।

नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा और आरती की जाती है।

श्री राम जी की आरती

रामनवमी और दिवाली के अवसर पर भगवान राम की आरती की जाती है।

भगवान राम का जीवन धर्म, सत्य और आदर्श का प्रतीक माना जाता है, और उनकी आरती से भक्त अपने जीवन में सद्गुणों को अपनाने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं।

माता सरस्वती की आरती

वसंत पंचमी और अन्य शैक्षिक अवसरों पर माता सरस्वती की आरती की जाती है।

देवी सरस्वती विद्या और ज्ञान की देवी हैं, और उनकी आरती से बुद्धि, ज्ञान और कला के क्षेत्र में उन्नति की कामना की जाती है।

श्रीकृष्ण की आरती

जन्माष्टमी और अन्य धार्मिक पर्वों पर भगवान श्रीकृष्ण की आरती की जाती है।

उनकी आरती के माध्यम से भक्त प्रेम, भक्ति और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं।

गायत्री माता की आरती

गायत्री माता को वेदों की माता और सर्वोच्च देवी माना जाता है, जिनका प्रतीक गायत्री मंत्र है।

गायत्री माता की आरती में भक्त ज्ञान, आत्मिक शुद्धि और मानसिक शांति की कामना करते हैं।

विशेष रूप से गायत्री जयंती, व्रत, और धार्मिक अनुष्ठानों में गायत्री माता की आरती की जाती है।

इस आरती में गायत्री मंत्र के प्रभाव से भक्त अपने मन और आत्मा को शुद्ध करते हैं और दिव्य शक्ति का आह्वान करते हैं।

रामायण की आरती

रामायण केवल एक महाकाव्य नहीं है, बल्कि यह जीवन के आदर्श और धर्म का मार्गदर्शन है।

भगवान श्रीराम का चरित्र अनुकरणीय है, और रामायण की आरती में भक्त भगवान राम और उनके आदर्शों को याद करते हैं।

रामायण का पाठ और उसकी आरती विशेष रूप से रामनवमी, दिवाली और अन्य धार्मिक पर्वों पर की जाती है।

इससे जीवन में सत्य, धर्म और कर्तव्य का मार्ग प्राप्त होता है।

हनुमान जी की आरती

हनुमान जी, जिन्हें संकटमोचन और वीरता का प्रतीक माना जाता है, की आरती हर मंगलवार और शनिवार को विशेष रूप से की जाती है।

हनुमान जी की आरती के माध्यम से भक्त उनसे अपने जीवन में हर प्रकार की बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करते हैं।

बजरंगबली की आरती विशेष रूप से रामनवमी, हनुमान जयंती, और अन्य धार्मिक अवसरों पर की जाती है।

इस आरती से बल, साहस, भक्ति और समर्पण की भावना को प्रकट किया जाता है।

॥ जय हो ॥

हिंदी · Read on Bhajan Baan

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About this bhajan

Meaning, tradition and how to sing it

आरती संग्रह Arti Lyrics Collection is a aarti dedicated to Krishna Ji, sung in homes, temples, and community sabhas across India.

The bhajan opens with the line "Me vibhinn prakaar kii aaratiyon ke liriks kaa sangrah prastut hai |", a verse devotees often recite while lighting the evening lamp or gathering for kirtan.

On this page you can read the complete lyrics in Hindi (Devanagari), Hinglish (Roman transliteration), English translation. Use the language toggle above to switch scripts, adjust the font size for comfortable reading, and save the bhajan to revisit during your next sabha or solo practice.

If you enjoy this composition, explore more aarti bhajans below. Each one is curated to help you build a devotional reading list that suits your tradition, mood, and occasion.

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