
सबसे पहले थने मनावा,
भगतो के रखवाले,
आज सभा में लाज बचा ले,
मोहन मुरली वाले।।
नामा सुदामा सेन भगत ने,
हरदम फेरी माला,
मोरध्वज ने चीर दिया था,
रत्नकवर सा बाला,
मीराजी का विष का प्याला,
अमृत करने वाले,
सबसे पहले थाने मनावा,
महाभारत की हुई लड़ाई,
कौरव पांडव बिच में,
दुर्योधन का मान घटाया,
पांडव कर दिया जित में,
भरी सभा में द्रुपत सुता का,
चिर बढ़ाने वाले,
नरसी जी की गाड़ी सुधारी,
किशनो खाती बनके,
बाई नानी को भर दियो मायरो,
सेठ साँवरो बनके,
व्रन्दावन की गुजरियो का,
दही चुराने वाले,
‘सागरमल’ तेरी चरण शरण में,
मोर मुकुट बनवारी,
अब की नया पार लगादे,
मोहन मदन मुरारी,
भरी सभा में याद करू,
खोल ज्ञान के ताले,
गायक – नाथू सिंह शेखावत।
भजन प्रेषक –
धीरज कुमार कुली (सीकर),
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




